न करो हिन्दी की चिन्दी
वीणा मुजुमदार
इंदौर (मध्य प्रदेश)
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लिखो हिन्दी पढो हिन्दी
सुनो हिन्दी कहो हिन्दी
गुनो हिन्दी समझो हिन्दी
भाषाओँ के माथे की बिंदी
हिन्दी- दिवस मनाते हो
दिनों बाद भूल जाते हो
कहते हो राष्ट्रभाषा है
हिंग्लिश में घुस जाते हो
प्रांत अनेकों भाषाओं के
ये एक राष्ट्र है हिन्दुस्तान
नानाविध भाषाईयों की
एक राष्ट्रभाषा है जान
सरल सहज मीठी बोली
लगती हमको प्यारी है
भाव सभी अभिव्यक्त करती
मनभाती शान हमारी है
देश-विदेश में मान बढाती
भाषा गौरव देती सम्मान
हम हिन्दी के हिन्दी हमारी
हिन्दी हमारी है पहचान
छिद्रान्वेषी न बनकर
करो हिन्दी का सम्मान
मातृभाषा ये राष्ट्रभाषा ये
दे दो इसको इसका सम्मान।
परिचय : वीणा मुजुमदार
निवासी : इंदौर (मध्य प्रदेश)
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना स्वरचित एवं मौलिक है।...