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Tag: किरण पोरवाल

देखो ओ काल्या की काकी
आंचलिक बोली, कविता

देखो ओ काल्या की काकी

किरण पोरवाल सांवेर रोड उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** देखो ओ काल्या की काकी उमड़ घुमड़ कर बादल आए पनिहारीन पानी हे चाली गाय तो में दुवा ने जाऊं बोकड़ा तो छोरा है लईग्या गाय तो चरवा मैं हूं लई जाऊ मक्कयां तो पाकन है लागा कागला आईने तू है उड़ाय कड़वा नीम की डाली पे देखो छोरिया झूला दे रे लगाए देखो काल्या की काकी उमड़ घुमड़ कर बादल आए टापरो ऊपर मै तो ढाकू कवेलू तू मने झेलाए छाछ तो मैं बिलोवन लागी छोरा हाको देरे लगाए आबा पर तो मोड़ है अईग्या कोयलड़ी है शोर मचाए देखोओ काल्या की काकी उमड़ घुमड़ कर बादल आए खेत पर मैं तो हूं जाऊं रोटा लइने तु हे आए छोरा छोरी आंगण में खेले प्रेम घणो उनमें है आए पड़ोसी मिल बाता में लागी छोरा छोरी टेर लगाएं चालो मिल झूला है झूला आपस में है गीत सब गाय किरण तो मालवी है बोले प्रेम घणों इनमें ...
युद्ध
कविता

युद्ध

किरण पोरवाल सांवेर रोड उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** गुलामी की दास्तां को हमसे है कोई पूछें कितने जुल्म को सहना यह भारत से वह पूछे नहीं कोई साथ है देता नहीं कोई साथ ही रहता, अपने मुल्क की आजादी यही स्वाभिमान है अपना, किसी कमजोर से लड़ना यह ताकत नहीं उसकी सहारा दे उठाकर फिर चलना मर्दागी है उसकी गुलामी की जंजीरों में जकड़ कर इस तरह रहना, इससे तो यही बेहतर की थोडे मै है खुश रहना, किसी भी मुल्क पर हमला तबाही और मंजर है, सकुन तुम को नहीं मिलता, सुकून किस को नहीं मिलता, कितने घर तो हे उजड़े, कितने बेघर को वह समझे किसी ने बाप खोया है किसी का सिंदूर है उजड़े एक दौलत के है खातिर हजारों लाश देखी है, इन्हें इतिहास के पन्ने किस निगाहों से देखेगा, एक देश भक्ति से हे पूजे, एक अत्याचार से जाने, किरण ! हम उस शक्ति से पहचाने, जिसे संसार है पूजे, भारत श...
बेटा और बेटी
कविता

बेटा और बेटी

किरण पोरवाल सांवेर रोड उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** बेटा और बेटी तराजू के २ पलड़े हैं बेटी प्रकृति का वरदान है। बेटी प्रभात की किरण की मुस्कान है। बेटी ना होती तो दुर्गा पूजा कहां होती। बेटी तू दुर्गा है बेटी वृषभान दुलारी है बेटी जनक नंदिनी है बेटी मीरा भक्ति का वरदान है, बेटी कृष्ण की कर्मा हे। बेटी लक्ष्मी बाई तलवार की धार है। बेटी तो प्रतिभा की खान है, बेटी इंदिरा है तो बेटी सुनीता विलियम है। बेटी शक्ति है तो बेटी साहस हैं, बेटी मर्यादा है तो बेटी विनम्रता की मूरत है। बेटी ललिता और रमन है, बेटी तो मां की आत्मा है और पिता के दिल का टुकड़ा है बेटी बिन जग अधूरा है बेटी ज्योति है तो बेटी माधुरी है बेटी ममता की छांव है बेटी तो लाल चुनरी में दीपक का प्रकाश है, बेटी निधि है तो बेटी आयु है। बेटी तो आंगन में तुलसी की शोभा है, बेटी तो राखी क...