संघर्ष
बबीता कुमारी
आसनसोल (पश्चिम बंगाल)
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जीवन में आगे
बढ़ना है तो,
संघर्ष का दामन
हम थामे चलेंगे
फूल बिछे हों
या कांटे हों,
राह अपनी
हम न छोड़ेंगे।
चाहे जो
विपदायें आये,
मुख को जरा
हम न मोड़ेंगे।
साथ रहें या
रहें न साथी,
हिम्मत मगर
हम न छोड़ेंगे।
संकल्प ले यदि
मन में अपने,
उत्साह कभी कम
न हम होने देंगे
संघर्ष ही
जीवन है हमारा
अपने विकास के लिए
संघर्ष करते रहेंगे।
परिचय :- बबीता कुमारी
निवासी : आसनसोल (पश्चिम बंगाल)
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि मेरी यह रचना स्वरचित एवं मौलिक है।
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