हिन्दी की हस्ती
प्रियंका पाराशर
भीलवाडा (राजस्थान)
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हिन्दी की हस्ती
में छुपी शब्दों की मस्ती
वर्णमाला के स्वर व्यंजन
परोसते शब्दों के व्यंजन
शब्दों के जो जुडते संबंध
तो सजते पत्र,
कहानी और निबंध
वाद-विवाद और संवाद
में कहावते, मुहावरे बढाते स्वाद
संधि, समास और अलंकार
से वाक्य में लगते चांद चार
गद्य और पद्य के दोहे
लेखनी का स्वतः मन मोहे
हिन्दी से बने हम होनहार
हिन्दी से मिला ज्ञान रूपी
सर्वोत्तम उपहार
परिचय :- प्रियंका पाराशर
शिक्षा : एम.एस.सी (सूचना प्रौद्योगिकी)
पिता : राजेन्द्र पाराशर
पति : पंकज पाराशर
निवासी : भीलवाडा (राजस्थान)
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।
आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं फोटो के साथ प...