मैं ना होती तो …
डॉ. प्रताप मोहन "भारतीय"
ओमेक्स पार्क- वुड-बद्दी
********************
किसी के होनें न होने से
दुनियां नहीं रुकती है।
सीटे खाली होती हैं
तभी तो भरती है।
*******
उनके न होने से कुछ
फर्क नही पड़ेगा।
सूरज पूरब से उगता है
वही से उगेगा।
******
यह हमारा वहम है
कि मेरे न रहने पर क्या होगा?
वही होगा जो कि
भगवान को मंजूर होगा।
*******
"मैं" शब्द अहंकार का प्रतीक है
इसे अपनी ज़िंदगी से हटाए।
और अपनी जिंदगी को
अच्छे से आगे बढ़ाए।
*******
मैं ना होती तो जरूर
और कोई आयेगा।
शायद मुझसे अच्छा
कर जायेगा।
*******
हम तो बस यही
दुआ करते रहें।
हम रहे या न रहें
बाकी सब सलामत रहें।
परिचय : डॉ. प्रताप मोहन "भारतीय"
निवासी : चिनार-२ ओमेक्स पार्क- वुड-बद्दी
घोषणा : मैं यह शपथ पूर्वक घोषणा करता हूँ कि उपरोक्त रचना पूर्णतः मौलिक है।
आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, ल...