सरहद पर होली
प्रो. डॉ. शरद नारायण खरे
मंडला, (मध्य प्रदेश)
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सरहद पर होली हुई, रक्षा की हुंकार।
बहे ख़ून पर देश की, करते हैं जयकार।।
खेलें सारे देश के, लोग आज तो रंग।
सरहद पर है शौर्य बस, घुसपैठी से जंग।।
सरहद पर सैनिक डटे, लेकर शौर्य अबीर।
रँग-गुलाल बलिदान का, खेलें सारे वीर।।
वतनपरस्ती हँस रही, सम्मानित है तेज।
सरहद पर हर वीर है, क़ुर्बानी लबरेज।।
याद आ रहे दोस्त सब, यादों में है गाँव।
होली पर सरहद डटे, बंकर की है छाँव।।
भेजो मंगलकामना, हर सैनिक की ओर।
दूरी है परिवार से, होली है बिन शोर।।
बंदूकों की है गरज, शौर्य गा रहा फाग।
बम्म-धमाके, टेंक ही, होली का अनुराग।।
इक-दूजे के माथे पर, मल दी नेह-गुलाल।
सरहद पर सैनिक सदा, करते शौर।यह कमाल।।
परिचय :- प्रो. डॉ. शरद नारायण खरे
जन्म : २५-०९-१९६१
निवासी : मंडला, (मध्य प्रदेश)
शिक्षा : एम.ए (इतिहास) (मेरिट ...