बहिष्कार
रशीद अहमद शेख 'रशीद'
इंदौर म.प्र.
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सत्य, अहिंसा और प्रेम का परिष्कार करना है सब को।
नकारात्मक दृष्टिकोण का बहिष्कार करना है सब को।
जीवन शैली सरस सरल हो।
सुधा सुलभ हो लुप्त गरल हो।
नहीं विकल हो मानव कोई,।
स्नेह-शान्ति धारा अविरल हो।
कुटिल तामसिकता का जग में तिरस्कार करना है सब को।
नकारात्मक दृष्टि कोण का बहिष्कार करना है सबको।
रोटी, कपड़ा और निकेतन।
प्राप्त करें जगती पर जन-जन।
न हों अभावों की बाधाएँ,
सुख-सुविधा पूरित हों जीवन।
छोड़ स्वार्थ सब परहित पर भी अब विचार करना है सबको।
नकारात्मक दृष्टि कोण का बहिष्कार करना है सबको।
निर्मित करने हैं विद्यालय।
अधिक बढ़ाने हैं सेवालय।
जहाँ विषमता की खाई है,
वहाँ बनें उपकार हिमालय।
मानव हितकारी शुभ उपक्रम बार-बार करना है सबको।
नकारात्मक दृष्टि कोण का बहिष्कार करना है सबको।
जन-जन का उत्थान ज़रूरी।
जन हित के अभियान ज़रूरी।
हो व्...