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शाहरुख मोईन
अररिया बिहार
बापू जी कैसे समान करूं मैं तेरी उन सीखों का,
मुल्क तो कर्जदार है अब भी भगत सिंह के चिखो का।
जवान लाशों के सौदागर थे तब भी सियासतदान,
बेईमानों ने बेईमानी की कब बदला हिंदुस्तान।
जहरीली सियासत में देखो बांग्लादेश और पाकिस्तान,
बेटे आज दुश्मन हो गए, जो थे ज़िगर ए हिंदुस्तान।
आजाद भारत का पहला आतंकी कौन था,
अहिंसा प्रेमी बापू का कातिल था वो, गोडेस उसका नाम।
मुल्क के ज़र्रे ज़र्रे में वीरों ने प्राण गंवाए,
ज़िक्र उसका ही हो,ता जो थे बेरिस्टर सियासतदान।
आज के दौर में चंद नाम ही दिखते हैं शाहरुख़,
तगमे के हकदार थे जो, वो ही दिखते हैं गुमनाम।
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