
श्रीमती क्षिप्रा चतुर्वेदी
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)
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अंतरिक्ष में एक भारतीय बेटी,
सितारों के बीच उड़ान भरती,
आज धरती पर वापस आई है !
चुनौतियाँ ही जीवन
को रोचक बनाती हैं ,
उनपर विजय पाना ही
जीवन को सार्थक बनाता है
जहां को ये संदेश देती है!
उसकी मनमोहक मुस्कान से
विश्व भर मे खुशियाँ छाई हैं !
९ महीने लंबे अंतराल के बाद
धरती माँ की गोद में रौनक आई है !
धैर्य- सहनशीलता-आत्मविश्वास
की परिभाषा बन चुकी है,
सृष्टि के प्रति समर्पण और
अदम्य साहस से गौरवशाली
इतिहास लिख रही है !
जीवों को प्रेम करने वाली,
आज दुनिया की मुस्कान बनी है !
आकाश से सूरज का तेज,
सितारों की चमक, और चांद
की शीतलता साथ लाई है ,
आज धरती माँ की बेटी
माँ की गोद में वापस आई है!!
परिचय :- श्रीमती क्षिप्रा चतुर्वेदी
पति : श्री राकेश कुमार चतुर्वेदी
जन्म : २७ जुलाई १९६५ वाराणसी
शिक्षा : एम. ए., एम.फिल – समाजशास्त्र, पी.जी.डिप्लोमा (मानवाधिकार)
निवासी : लखनऊ (उत्तर प्रदेश)
सम्मान : राष्ट्रीय हिंदी रक्षक मंच इंदौर द्वारा “जीवदया अंतर्राष्ट्रीय सम्मान २०२४” से सम्मानित
विशेष : साहित्यिक पुस्तकें पढ़ने के शौक ने लेखन की प्रेरणा दी और विगत ६-७ वर्षों से अपनी रचनाधर्मिता में संलग्न हैं।
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।
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अति सुन्दर प्रतिक्रया दी आपने कविता के माध्यम से सुनीता विलियम्स के वापस धरती की गोद में लौटने पर।


