
कमल किशोर नीमा
उज्जैन (मध्य प्रदेश)
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राम शरण में चल रे मनवा,
जीवन सफल बनायें।
राम शरण में सभी मंगल,
मन को मत भटकाये।
राम शरण में…
राम शिवम् है राम सत्य है,
सब देवता उनमें समाये।
राम की स्तुति करने पर,
संग सारे देवता पूजे।
राम नाम है सब हितकारी,
परम सुख बोध कराम्।
महादेव भी बैठे समाधि,
राम में ध्यान स्थान।
राम शरण में…
राम नाम अमृत की शोभा,
भाग्य बिना नहीं मिलेगा।
बारम्बार जन्म ले जीव,
फिर धरा पर आये।
राम ही दाता राम विधाता,
जिसके मन ये समाये।
राम की महिमा गाने वाले,
घर-घर पूजे जाये।
राम शरणम्…
राम सनातन सच्चिदानंद,
मार्ग सुगम दिखलायें।
राम राज्य की परिकल्पना से,
मन हर्षित हो जाये।
राम कृपा उस पर हो जाये,
जो भजन राम के गाये।
चरण वन्दना करो
भव सागर तर जाये।
राम शरण में …
परिचय :- कमल किशोर नीमा
पिता : मोतीलाल जी नीमा
जन्म दिनांक :१४ नवम्बर १९४६
शिक्षा : एम.कॉम, एल.एल.बी.
निवासी : उज्जैन (मध्य प्रदेश)
रुचि : आपकी बचपन में व्यायाम शाला में व्यायाम, क्षिप्रा नदी में तैराकी और शिक्षा अध्ययन के साथ कविता, गीत, नाटक लेखन मंचन आदि में गहन रूचि रही है।
व्यवसाय सेवा : आप सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग. सन् १९६४ से सन् १९७० तक एवं सन् १९७१ से सन् २००६ तक के उद्योग जगत के साथ काम करते रहे। सेवा निवृत्ति के बाद ईश्वर की प्रेरणा से पिछले पांच वर्षों से भगवान का भजन आरंभ हुआ है। वर्तमान में लगभग २० भजन लिखे गए हैं, जिनमें १६ भजन यू ट्यूब पर संगीतकार द्वारा संगीतबद्ध करवा कर प्रसारित किए गए हैं जिन्हें यू ट्यूब सनातनम भक्ति २एम स्टूडियो सर्च कर पृथक किया जा सकता है। अयोध्या में श्री राम मंदिर में श्री राम जी की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर टॉवर चौक पर भजन संध्या के अवसर पर आपके द्वारा लिखित भजनों की प्रस्तुति दी गई।
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि मेरी यह रचना स्वरचित एवं मौलिक है।
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