Saturday, September 21राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर आपका स्वागत है... अभी सम्पर्क करें ९८२७३६०३६०

कोशिश हो रफ्तार की

विजय गुप्ता
दुर्ग (छत्तीसगढ़)
********************

उमर असर तो होगा पर, कोशिश हो रफ्तार की।
बस इतनी चले जुबान, चर्चा सुनो कुछ धार की।

तानों से कुछ भटके तो, गानों से फिर महके भी
शानों में कभी जो अटके, सम्मानों संग चहके भी
जीवन के हैं स्वर्ण रथी, सारथी सोच परिहार की।
अश्व चाल के चिन्ह मिले, जहां दिशा परिवार की
उमर असर तो होगा पर, कोशिश हो रफ्तार की।
बस इतनी चले जुबान, चर्चा सुनो कुछ धार की।

आधी दोस्ती मतलब ही, दुश्मनी आधी सुनते हैं।
शतरंज मोहरे जैसे फिर, कदम चाल में घिरते हैं।
खट्टे मीठे अनुभव पाते, ऐसी बातें कुछ यार की।
कपट विश्वास का पुल, नैय्या कथा मझधार की।
उमर असर तो होगा पर, कोशिश हो रफ्तार की।
बस इतनी चले जुबान, चर्चा सुनो कुछ धार की।

गाड़ी जैसा होता जीवन, समतल पर रुकावट भी
मिले सही डॉक्टर मिस्त्री, थोड़ी कभी बनावट भी
थकावट वाले कलपुर्जे, चाहत सच्चे हथियार की।
जीवन गाड़ी की सजावट, अच्छे तार व्यवहार की।
उमर असर तो होगा पर, कोशिश हो रफ्तार की।
बस इतनी चले जुबान, चर्चा सुनो कुछ धार की।

विकास युग के मानव ने, कल बदले इस काल में।
निज अनुभव है बेमानी, हल बदले हैं नए हाल में।
चमन उल्लू विराजे खूब, चिंता छोड़ी घरद्वार की।
’मुन्ना’ पाए कहां दीदावर, देश चमन हकदार की।
उमर असर तो होगा पर, कोशिश हो रफ्तार की।
बस इतनी चले जुबान, चर्चा सुनो कुछ धार की।
उमर असर तो होगा पर, कोशिश हो रफ्तार की।

परिचय :- विजय कुमार गुप्ता
जन्म : १२ मई १९५६
निवासी : दुर्ग छत्तीसगढ़

उद्योगपति : १९७८ से विजय इंडस्ट्रीज दुर्ग
साहित्य रुचि : १९९७ से काव्य लेखन, तत्कालीन प्रधान मंत्री अटल जी द्वारा प्रशंसा पत्र
काव्य संग्रह प्रकाशन : १ करवट लेता समय २०१६ में, २ वक़्त दरकता है २०१८
राष्ट्रीय प्रशिक्षक : (व्यक्तित्व विकास) अंतराष्ट्रीय जेसीस १९९६ से
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।


आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं छायाचित्र के साथ प्रकाशित करवा सकते हैं, राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, हिंदी में टाईप करके हमें hindirakshak17@gmail.com पर अणु डाक (मेल) कीजिये, अणु डाक करने के बाद हमे हमारे नंबर ९८२७३ ६०३६० पर सूचित अवश्य करें …🙏🏻

आपको यह रचना अच्छी लगे तो साझा अवश्य कीजिये और पढते रहे hindirakshak.com राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच से जुड़ने व कविताएं, कहानियां, लेख, आदि अपने चलभाष पर प्राप्त करने हेतु राष्ट्रीय  हिन्दी रक्षक मंच की इस लिंक को खोलें और लाइक करें 👉 👉 hindi rakshak manch  👈… राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच का सदस्य बनने हेतु अपने चलभाष पर पहले हमारा चलभाष क्रमांक ९८२७३ ६०३६० सुरक्षित कर लें फिर उस पर अपना नाम और कृपया मुझे जोड़ें लिखकर हमें भेजें…🙏🏻.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *