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कविता

विभीषिका युद्ध की

विभीषिका युद्ध की

छत्र छाजेड़ “फक्कड़” आनंद विहार (दिल्ली) ******************** युद्ध होते आयें हैं इतिहास गवाह है होते आयें हैं युगों-युगों से युद्ध इतिहास का प्रत्येक पन्ना भरा है रक्त रंजित करते धरा को युद्धों से विध्वंस का द्योतक है युद्ध माना... कि... विध्वंस स्व...

छंद

जोगिरा छंद (कबीर छंद)

जोगिरा छंद (कबीर छंद)

शिमला शर्मा "लक्ष्मी प्रिया" ग्वालियर (मध्यप्रदेश) ******************** जोगिरा छंद (कबीर छंद) पवन फागुनी बहे सुहानी, मन में भरे उमंग। झूम रही खिल के तरुणाई, घुली हवा में भंग।। जोगीरा सररर रा जोगीरा सररर रा....

उपन्यास

उपन्यास : मैं था मैं नहीं था : अंतिम भाग- ३१

उपन्यास : मैं था मैं नहीं था : अंतिम भाग- ३१

विश्वनाथ शिरढोणकर इंदौर म.प्र. ****************** उस दिन स्कूल में सोनू को मैने बडी शान से कहां, 'आज मैने राम मंदिर में पूजा की।' 'क्यों? उस घर के सब बडे कहां गए?' सोनू ने पूछा। सोनू को भी पता था कि वह घर मेरा नही है।' कितने सारे तो भगवान है वहां मंदिर में? तुमने कैसे की होगी प...

ग़ज़ल

पता बताना भूल गए

पता बताना भूल गए

नवीन माथुर पंचोली अमझेरा धार म.प्र. ******************** पता अपना बताना भूल गए। हमें रस्ता दिखाना भूल गए। किसी के साथ थोड़ी दूर जाकर, हमारे साथ आना भूल गए। हमारे सामने होकर गए पर, नज़र हमसे मिलाना भूल गए। जताए तो बहुत रिश्ते पुराने, मगर उनको निभाना भूल गए। कठिन...

जन्मदिवस

एयर इंडिया की हवाई यात्रा

एयर इंडिया की हवाई यात्रा

माधवी तारे लंदन ******************** मैं हर साल अपने बड़े बेटे के साथ कुछ समय रहने के लिए ब्रिटेन जाती हूं और इस बार आते समय मेरे ज्येष्ठ सुपुत्र ने कहा कि मां इस आपकी उम्र काफी है और एक दो दिन की यात्रा में आप थक जाओगी, सामान्य क्लास में बैठ कर आ...