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कविता

उसने ख़ुद को लिखा

उसने ख़ुद को लिखा

शशि चन्दन "निर्झर" इंदौर (मध्य प्रदेश) ******************** उसने ख़ुद को लिखा, रोटी बनाते- बनाते..... चौके में बिखरे आटेख़ुद से, और झट से मिटा दिया।। उसने ख़ुद को लिखा, कुर्सी-मेज दरवाज़े-खिड़की पे जमी धूल से.... और झट से मिटा दिया।। उसने ख़ुद को लिखा, समन्...

छंद

क्योंकि माँ साक्षात ही भगवान है

क्योंकि माँ साक्षात ही भगवान है

डॉ. भावना सावलिया हरमडिया, राजकोट (गुजरात) ******************** (पीयूष वर्ष छ्न्द) २१२२ २१२२ २१२ पास जिसके माँ वही धनवान है। क्योंकि माँ साक्षात ही भगवान है।। सृष्टि में माँ का सृजन अनमोल है। कष्ट हर लेता जननि ...

उपन्यास

उपन्यास : मैं था मैं नहीं था : अंतिम भाग- ३१

उपन्यास : मैं था मैं नहीं था : अंतिम भाग- ३१

विश्वनाथ शिरढोणकर इंदौर म.प्र. ****************** उस दिन स्कूल में सोनू को मैने बडी शान से कहां, 'आज मैने राम मंदिर में पूजा की।' 'क्यों? उस घर के सब बडे कहां गए?' सोनू ने पूछा। सोनू को भी पता था कि वह घर मेरा नही है।' कितने सारे तो भगवान है वहां मंदिर में? तुमने कैसे की होगी प...

ग़ज़ल

बढ़ी है नफ़रत

बढ़ी है नफ़रत

निज़ाम फतेहपुरी मदोकीपुर ज़िला-फतेहपुर (उत्तर प्रदेश) ******************** वज़्न- १२१२ २१२१ २१ बढ़ी है नफ़रत बढ़ें हैं शूल। खिला है जब से विषैला फूल।। ये ख़त्म कैसे हुआ है अम्न। कहाॅं पे हमसे हुई है भूल।। धुऑं बचा है बची है राख। बची न बस्ती बची है धूल।। गधे ह...

जन्मदिवस

एयर इंडिया की हवाई यात्रा

एयर इंडिया की हवाई यात्रा

माधवी तारे लंदन ******************** मैं हर साल अपने बड़े बेटे के साथ कुछ समय रहने के लिए ब्रिटेन जाती हूं और इस बार आते समय मेरे ज्येष्ठ सुपुत्र ने कहा कि मां इस आपकी उम्र काफी है और एक दो दिन की यात्रा में आप थक जाओगी, सामान्य क्लास में बैठ कर आ...