कविता
महादेवी वर्मा जी को श्रद्धांजलि
चेतना सिंह प्रकाश "चितेरी"
प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)
********************
स्त्री होकर स्त्री को समझा,
आँखों में आँसू जब छलका,
निर्मोही बादल बनकर बरसा,
आँगन की तुलसी को सींचा।
साध्वी-सा जीवन जीकर,
एक सीधी-सी रेखा खींची।
स्मृतियाँ सदैव बनती रहीं,
उर में दीपक सदा ...
छंद
हिन्दी भाषा
डॉ. भावना सावलिया
हरमडिया, राजकोट (गुजरात)
********************
(आल्हा छ्न्द)
हिन्दी भाषा भारत माता
की गरिमा की है पहचान।
अपनी अद्भुत विशेषता पर,
संविधान में पाया स्थान।
भाषाओं की वह साम्राज्ञी,
सुख-दुख की सरग...
उपन्यास
उपन्यास : मैं था मैं नहीं था : अंतिम भाग- ३१
विश्वनाथ शिरढोणकर
इंदौर म.प्र.
******************
उस दिन स्कूल में सोनू को मैने बडी शान से कहां, 'आज मैने राम मंदिर में पूजा की।'
'क्यों? उस घर के सब बडे कहां गए?' सोनू ने पूछा। सोनू को भी पता था कि वह घर मेरा नही है।' कितने सारे तो भगवान है वहां मंदिर में? तुमने कैसे की होगी प...
ग़ज़ल
हमने हर दर्द को मुस्कान बना कर देखा
आनंद कुमार पांडेय
बलिया (उत्तर प्रदेश)
********************
हमने हर दर्द को मुस्कान बना कर देखा,
ज़िंदगी तुझको भी आसान बना कर देखा।
दिल में उम्मीद का इक दीप जलाए रखा,
हर एक अँधेरे को चराग़ बना कर देखा।
जो भी पत्थर थे, वो किरदार सिखाते ही रहे,
हमने हर ज़ख़्म को अरमान बना...
जन्मदिवस
एयर इंडिया की हवाई यात्रा
माधवी तारे
लंदन
********************
मैं हर साल अपने बड़े बेटे के साथ कुछ समय रहने के लिए ब्रिटेन जाती हूं और इस बार आते समय मेरे ज्येष्ठ सुपुत्र ने कहा कि मां इस आपकी उम्र काफी है और एक दो दिन की यात्रा में आप थक जाओगी, सामान्य क्लास में बैठ कर आ...
