कविता
प्रिय शीतल लोचन कर दो
मीना भट्ट "सिद्धार्थ"
जबलपुर (मध्य प्रदेश)
********************
प्रीति तुम्हारी से आकुल यह,
हर्षित मेरा मन कर दो।
झुलस रहीं हूँ प्रेम-अगन में,
व्यग्र हृदय चंदन कर दो।।
प्रेम पयोधर घट सुधियों के,
सुधा कलश छलकाओ।
अपनी कस्तूरी सौरभ से,
यह जीवन महकाओ।।
तोड़...
छंद
कहे मित्र यमराज
सुधीर श्रीवास्तव
बड़गाँव, गोण्डा, (उत्तर प्रदेश)
********************
कुण्डलिनी छंद
माया में हर जन फँसा, बना हुआ है हीन।
ठगनी उसको ठग रही, और संग में दीन।।
और संग में दीन, कौन लगता ठुकराया।
कहे मित्र यमराज, यही तो...
उपन्यास
उपन्यास : मैं था मैं नहीं था : अंतिम भाग- ३१
विश्वनाथ शिरढोणकर
इंदौर म.प्र.
******************
उस दिन स्कूल में सोनू को मैने बडी शान से कहां, 'आज मैने राम मंदिर में पूजा की।'
'क्यों? उस घर के सब बडे कहां गए?' सोनू ने पूछा। सोनू को भी पता था कि वह घर मेरा नही है।' कितने सारे तो भगवान है वहां मंदिर में? तुमने कैसे की होगी प...
ग़ज़ल
हमने हर दर्द को मुस्कान बना कर देखा
आनंद कुमार पांडेय
बलिया (उत्तर प्रदेश)
********************
हमने हर दर्द को मुस्कान बना कर देखा,
ज़िंदगी तुझको भी आसान बना कर देखा।
दिल में उम्मीद का इक दीप जलाए रखा,
हर एक अँधेरे को चराग़ बना कर देखा।
जो भी पत्थर थे, वो किरदार सिखाते ही रहे,
हमने हर ज़ख़्म को अरमान बना...
जन्मदिवस
एयर इंडिया की हवाई यात्रा
माधवी तारे
लंदन
********************
मैं हर साल अपने बड़े बेटे के साथ कुछ समय रहने के लिए ब्रिटेन जाती हूं और इस बार आते समय मेरे ज्येष्ठ सुपुत्र ने कहा कि मां इस आपकी उम्र काफी है और एक दो दिन की यात्रा में आप थक जाओगी, सामान्य क्लास में बैठ कर आ...
